गेहूं की फसल से कोसों दूर रहेंगे चूहे, बस अपनाएं ये देसी नुस्खे |

गेहूं की खड़ी फसल में चूहों का प्रभावी नियंत्रण आवश्यक है क्योंकि वे फसल को व्यापक नुकसान पहुंचा सकते हैं चूहों द्वारा किए गए नुकसान से न केवल उत्पादन घटता है, बल्कि अनाज की गुणवत्ता भी प्रभावित होती है   चूहों के नियंत्रण के लिए जैविक विधियां पर्यावरण अनुकूल और दीर्घकालिक समाधान प्रदान करती हैं यहां गेहूं की खड़ी फसल में चूहों को नियंत्रित करने के लिए जैविक उपायों पर विस्तार से चर्चा की गई है गेहूं की खड़ी फसल में चूहों के जैविक नियंत्रण के लिए विभिन्न विधियों का समन्वित उपयोग आवश्यक है ये विधियां न केवल पर्यावरण के लिए सुरक्षित हैं, बल्कि फसल उत्पादन में भी सुधार करती हैं यदि इन उपायों को समय पर अपनाया जाए, तो चूहों के कारण होने वाले नुकसान को काफी हद तक रोका जा सकता है |

चूहों के नुकसान का आकलन

चूहे अनाज को सीधे खाकर, पौधों की जड़ों को काटकर और मिट्टी के नीचे सुरंग बनाकर फसल को नुकसान पहुंचाते हैं उनकी गतिविधियों के कारण मिट्टी की संरचना प्रभावित होती है, जिससे फसल की वृद्धि पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है चूहे रात के समय अधिक सक्रिय होते हैं और तेजी से प्रजनन करते हैं, जिससे उनकी संख्या बढ़ने पर नियंत्रण करना मुश्किल हो सकता है

चूहों के जैविक नियंत्रण की विधियां

  1. प्राकृतिक शिकारी का उपयोग –
  • उल्लू और सांप: उल्लू और सांप चूहों के प्राकृतिक शिकारी हैं. किसानों को खेतों के पास उल्लू के घोंसले या सांपों के रहने के लिए अनुकूल स्थान तैयार करने चाहिए
  • बिल्ली: बिल्ली पालकर चूहों की संख्या को नियंत्रित किया जा सकता है
  1. जैविक बैक्टीरिया और फफूंद का उपयोग –
  • बैक्टीरिया आधारित नियंत्रण: Salmonella enteritidis जैसे जैविक एजेंट चूहों के लिए घातक होते हैं लेकिन इंसानों और अन्य जीवों के लिए सुरक्षित रहते हैं
  • फफूंद आधारित नियंत्रण: Metarhizium anisopliae और Beauveria bassiana जैसे फफूंद चूहों को संक्रमित कर उनके प्रजनन और गतिविधि को सीमित करते हैं
  1. फसल प्रबंधन तकनीकें –
  • साफ-सफाई: खेतों और उसके आसपास साफ-सफाई रखना बेहद जरूरी है. झाड़ियों और घास को हटाकर चूहों को छिपने के स्थान से वंचित किया जा सकता है
  • फसल अवशेष प्रबंधन: फसल कटाई के बाद खेत में बचे अवशेषों को समय पर नष्ट कर दें ताकि चूहों को भोजन न मिले
  • रोपण का समय: चूहों की गतिविधियों को ध्यान में रखते हुए फसल की बुवाई और कटाई का समय निर्धारित करें
  1. जैविक चारा –
  • तुलसी और नीम: तुलसी और नीम के पत्तों का चूर्ण चूहों को भगाने में सहायक होता है

पुदीना का उपयोग: पुदीना की गंध चूहों को अप्रिय लगती है इसे चूहों के संभावित मार्गों पर रखकर उन्हें दूर रखा जा सकता है

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